गृहयुद्ध से भागे प्रवासी को रूस में मिला नया जीवन!

गृहयुद्ध से भागे प्रवासी को रूस में मिला नया जीवन!

“घर मत आना, अपने चाचा या किसी और के घर जाकर छुप जाओ”,

“क्या हुआ?” —  “यहां भी लड़ाई छिड़ गई है”

अमीन को जब उनके घर से ये फोन आया, तो उम्र काफी कम थी। वे सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में फंसे थे और परिवार वालों को ये चिंता थी, कि युद्ध से जूझ रहे देश में अमीन का भविष्य क्या होगा?

“मेरे पिता को मेरी बहुत चिंता थी। उन्होंने मुझ से कहा कि मेरे पास दो विकल्प हैं। या तो मॉस्को में अपने चाचा के पास जाना या फिर न्यूयॉर्क में अपनी चचेरी बहन के पास। मैंने बिना देरी किए, एक ही सेकेंड में कहा — मॉस्को!”  अमीन बताते हैं। सीरिया से प्यार करने वाले अमीन ने एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य बनाने के लिए रूस का रुख किया। यहां उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और अपने परिवार के साथ यहीं बस गए।

अमीन गाड़ियों के शौकीन हैं। उन्हें गाड़ियों की ट्यूनिंग करना बेहद पसंद है। सीरिया में उन्हें अपने जुनून को करियर में  बदलने का मौका नहीं मिला, लेकिन रूस की बात अलग है। अमीन कहते हैं कि रूस आ कर जब उन्होंने ये जाना कि वे गाड़ियों के बिज़नेस के मालिक बन सकते हैं, तो उन्होंने चैन की सांस ली — “आखिरकार! आखिरकार दुनिया में  ऐसी जगह है!”

वक्त मिलने पर अमीन पूर्वी अंदाज़ का खाना बनाते हैं और अपने परिवार को समय देते हैं। वो कहते हैं —  “मेरी ज़िंदगी और भविष्य सब रूस में ही है। मेरे पास मेरी प्यारी सी पत्नी है, भगवान ने चाहा तो जल्द ही बच्चे भी होंगे, और मेरा कुत्ता है, घर है, नौकरी है, गाड़ी है, सब कुछ है। जीवन में स्थिरता है, मैं बहुत खुश हूं”